गौरी लंकेश प्रकरण : मीडिया की ‘अनुचित’ भूमिका

गौरी लंकेश हत्याकांड के बाद स्तब्ध हूँ। होना ही चाहिए, हर आदमी को होना चाहिए… चाहे वो वामपंथी हो, दक्षिणपंथी हो या मध्यमार्गी। लेकिन ये आलेेेख गौरी की हत्या के बहाने कुछ और पहलुओं पे विचार करने के लिए लिख रहा हूँ। मैं पहले कई बार कह चुका हूँ कि हम सबकी संवेदनाएं मर रही […]

तीन तलाक महिलाओ की जीत…?

टीवी शुरू करने पर कुछ महिलाओं को मिठाई बाँटते देखा, बुरका पहने महिलाओं को कम ही मौकों पर इस तरह खुल कर ख़ुशी मनाते देखा है। चलिए तीन तलाक पर फैसला आ ही गया, परन्तु समझ नहीं आ रहा है तीन तलाक पर फैसला कहूँ या तुरंत तलाक पर फैसला….   फैसले को मोटे-मोटे तौर […]

First General Election Facts…

first general election in India, held over a four-month period (Oct 15, 1951, to Feb 21, 1952) each candidate was allotted a separate ballot box at polling booths, differently colored, on which each candidate’s name and election symbol was labelled The ballot papers were printed at the Government of India Security Press at Nashik, where […]

गोरखपुर प्रकरण और बुंदेलखंड : स्वास्थ्य सुविधाएं

हैरानी? परेशानी? दुख? किस बात के लिए?? अच्छा गोरखपुर.. हाँ बात तो ठीक है.. मासूम मरे हैं.. संवेदनाएं जता देता हूँ। वैसे इंदौर में भी 17 मरे थे, ऐसे ही.. तब भी संवेदनाएं जताई थीं..तो यहां भी जता देता हूँ..बाकि क्या फर्क पड़ता है.. 25-30 घंटे बाद फिर वही मुर्दापन..!!